Wednesday, November 9, 2016

समाजसेवियों ने धरना देकर उठाई यूपी को प्रदूषण मुक्त करने की मांग




 
 
 
 
लखनऊ/09-11-16/Written by Socio Political Newsdesk
 
उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में फैली जहरीली धुंध को सूबे के वाशिंदों के जीवन के संवैधानिक अधिकार का हनन करने वाला बताते हुए दर्जनों समाजसेवियों ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आज राजधानी लखनऊ के हजरतगंज जीपीओ स्थित गाँधी पार्क में इकठ्ठा होकर समाजसेविका और आरटीआई कार्यकत्री उर्वशी शर्मा के नेतृत्व में सामाजिक संस्था सूचना का अधिकार बचाओ अभियान ट्रस्ट के बैनर तले धरना देकर और सूबे को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तत्काल प्रभावी कार्यवाही की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं पर्यावरण मंत्री, मुख्य सचिव,/प्रमुख सचिव पर्यावरण विभाग, प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय, निदेशक पर्यावरण, महापौर  लखनऊ,नगर आयुक्त लखनऊ और जिलाधिकारी लखनऊ को जिला प्रशासन के माध्यम से एक ज्ञापन भेजा  और इसकी प्रतिलिपि  राष्ट्रपति ,  उप राष्ट्रपति , प्रधान मंत्री , राज्यपाल उत्तर प्रदेश,  मुख्य न्यायाधीश  उच्चतम न्यायालय और , मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद को भी प्रेषित की 
 
 
 
स्मॉग के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों को  महज सरकारी खानापूर्ति बताते हुए समाजसेवियों ने  प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रदूषण बढाने के सामान्य कारकों जैसे अतिक्रमण हटाकर शहर को जाम से मुक्ति दिलाने, शहर के कूड़ाघरों में कूड़े को जलाया जाना तत्काल प्रतिबंधित करके इन कूड़ाघरों को आबादी से दूर अंतरित करने,कंस्ट्रक्शन/डेमोलेशन को बंद करने,लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने ,स्कूल बंद करने ,डीजी सेट्स पर रोक लगाने, शहर में वाहनों का ऑड-इवन सिस्टम लागू करने,कृत्रिम बारिश कराने,राख पैदा करने वाले उपक्रमों पर पाबंदी लगाने,सड़कों पर पानी का छिड़काव करने,लखनऊ शहर में ट्रकों के घुसने पर पाबंदी लगाने के आदेश तत्काल जारी करने की मांग की 
 
 
 
 
प्रदूषण से लखनऊ के लोगों की आयु कम होने की बात कहते हुए समाजसेवियों ने कहा कि इससे लखनऊ के निवासियों के जीवन के संवैधानिक अधिकार का हनन हो रहा है और सरकार लखनऊ के निवासियों के इस संवैधानिक अधिकार का संरक्षण करने में पूर्णतया असफल सिद्ध हो रही है
 
 
 
 
समाजसेवियों के अनुसार प्रदेश में प्रदूषण की रोकथाम के लिए लखनऊ स्थित मुख्यालय के अतिरिक्त 27 क्षेत्रीय कार्यालय हैं किन्तु प्रदेश के 71 जिलों में से मात्र 21 में ही वायु प्रदूषण की मानिटरिंग की जा रही है जिसे बढाए जाने की आवश्यकता है सामाजिक कार्यकर्ताओं ने  सूबे के सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में प्रदूषण जांच के आटोमेटिक उपकरण तत्काल लगाए जाने की मांग भी की है
 
 
 
 
सूचना का अधिकार बचाओ अभियान ट्रस्ट  के अध्यक्ष और समाजसेवी तनवीर अहमद सिद्दीकी ने बताया कि समाजसेवियों ने राज्य सरकार से लखनऊ समेत पूरे सूबे की हवा को साफ करने और लगातार साफ बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए उन्हें सूचित किये जाने की मांग की है तनवीर ने बताया कि यदि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की जनता के जीवन के अधिकार के हनन के इस मामले में प्रभावी कार्यवाही नहीं की तो उनका संगठन इस मामले में  उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अनुतोष पाने की गुहार लगाएगा
 
 
 
धरने में उर्वशी शर्मा, तनवीर अहमद सिद्दीकी,शीबू निगम,हरपाल सिंह,सैय्यद नईम अहमद,राम स्वरूप यादव समेत बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया
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